Gold-Silver Price Down : चांदी की कीमतों ने गियर शिफ्ट कर लिया है। रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद अब चांदी उल्टे पांव भागने लगी है। 29 जनवरी शाम 9:00 बजे के बाद चांदी की कीमतों में 65,000 रुपये की गिरावट आई है, जबकि 30 जनवरी 2026 को यह गिरावट है 88,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। चांदी की कीमतों (Chandi ki kimat) में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। चलिए नीचे खबर में जानते हैं चांदी का ताजा भाव –
Gold-Silver Rate Today – सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। दोनों ही कीमती धातुओं के रेट सातवें आसमान पर सीधे जमीन पर आ गिरे हैं। बीते कुछ दिनों पहले सोने और चांदी के भाव (Silver Rate Down) आए दिन नया रिकॉर्ड कायम कर रहे थे। अब गिरने का रिकॉर्ड कायम कर दिया है। चांदी 4,20,000 प्रति किलोग्राम की हाई रिकॉर्ड से सीधे 3,32,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इसमें 88,000 से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
सोने में 60 हजार रुपये की गिरावट –
सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate Down) में आई बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों के होश उड़ गए हैं। रातों-रात दोनों कीमती धातुओं के रेट अर्स से फर्श पर पहुंचे हैं। वही सोना 29 जनवरी को 1,80,000 रुपए के ऑल टाइम हाई पर कारोबार कर रहा था, जबकि आज सोना 1,54,157 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है यानी सोने में 60,000 रुपये की गिरावट आई है।
इस वजह से गिरे सोने-चांदी के रेट –
पहला कारण –
सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate) में आई ऐतिहासिक गिरावट के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं। पहला सबसे बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग माना जा रहा है। सोना पहले ही साल-दर-साल रिकॉर्ड ऊंचाई $5626.8 प्रति औंस के आसपास पहुंच चुका था। ऐसे में बड़े फंड्स और शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफा काटना शुरू किया। जब एक साथ बिकवाली आती है, तो गिरावट और तेज हो जाती है, खासकर तब जब मार्केट पहले से ही बहुत ज्यादा चढ़ चुका हो।
दूसरा बड़ा कारण –
सोने व चांदी में गिरावट (Gold Silver Rate Down) का दूसरा बड़ा कारण टेक्निकल ब्रेकडाउन रहा है। चांदी 106 डॉलर का लेवल एक अहम सपोर्ट माना जा रहा था, जैसे ही यह सपोर्ट टूटा, बाजार में पैनिक फैल गया। स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए, एल्गो ट्रेडिंग एक्टिव हुई और बिकवाली का दबाव कई गुना बढ़ गया। यही वजह रही कि गिरावट बेहद तेज और डराने वाली दिखी।
तीसरा कारण –
अहम फैक्टर डॉलर की मजबूती रही। डॉलर इंडेक्स में तेजी आने से कीमती मेटल्स पर दबाव बनता है, क्योंकि मजबूत डॉलर में सोना और चांदी (Gold Silver Rate) महंगे हो जाते हैं। डॉलर की डिमांड बढ़ते ही मेटल्स से पैसा निकलना शुरू हो गया, जिसने गिरावट को और हवा दी।
इसके अलावा COMEX पर ट्रेडिंग वॉल्यूम भी असामान्य रूप से ऊंचा रहा है। करीब 39 हजार कॉन्ट्रैक्ट्स का भारी वॉल्यूम यह दिखाता है कि बाजार में बड़े खिलाड़ी एक्टिव थे। हाई वॉल्यूम के साथ गिरावट आमतौर पर ज्यादा वोलैटिलिटी और अनिश्चितता का संकेत देती है।