Agriculture News : किसानों के लिए सरसों की फसल को मुनाफेदार फसल भी माना जाता है, क्योंकि सरसों की फसल में कम लागत और कम सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन अब कृषि विभागों ने बताया है कि सरसों की फसल संकट में हैं। सरसों की फसल में बीमारी (Disease in mustard crop) से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसके लिए कृषि विभाग ने किसानों को सचेत किया है।
देशभर में सरसों की फसल की बंपर पैदावार से किसानों की आय मजबूत हाती है, लेकिन अब सरसों की फसल खतरनाक बीमारी की चपेट में है। जानकारों का कहना है कि समय रहते किसानों को सरसों की फसल (Sarso Ki Fasal) पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो उन्हें आगे चलकर भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए खबर में जानते हैं कि सरसों की फसल पर कौन सी बीमारी छज्ञई हुई है।
सफेद रोली रोग की चपेट में हैं सरसों की फसल
बता दें कि कटाई से पहले ही सरसों की फसल में सफेद रोली रोग (White rot disease in mustard crop) की बीमारी देखी जा रही है। मौसम में बदलाव से डंठल और फलियों पर सफेद परत जमा हो रही है, जिससे दानों के विकास में रूकावट आ रही है। कृषि विभाग ने इस दौरान किसानों को सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है और और समय रहते फफूंदनाशक दवाओं और देसी उपायों से कंट्रोल करने को कहा है।
किसानों के सामने खड़ी हुई यह परेशानी
अब इस मौसम में किसानों की खेतों में सरसों की फसल (mustard crop Cultivation) पकने को हैं और खेतों में लहलहाती और पीली पड़ती सरसों से किसानों को यही लग रहा था कि उनको बंपर पैदावार मिलेगी, लेकिन कटाई से पहले ही किसानों के सामने यह परेशानी आ गई है। अब कई इलाकों में सरसों की फसलों में सफेद रोली रोग देखने को मिल रही है,जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
समय रहते किया जाना चाहिए रोग पर कंट्रोल
फसलों में सफेद रोली रोग (White rot disease in crops) के चलते सरसों के पौधों की डंठल और फलियों पर परत जमने लगती है और यह परत पूरी फलियों को चपेट में ले लेती है। जिससे दानों का विकास नहीं हो पाता है। कई बार तो दाने पूरी तरह खराब हो जाते हैं, जिससे सरसों की फसल खराब हो जाती है।किसानों के अनुसार अगर समय रहते इस रोग पर कंट्रोल किया जाए तो सरसों की फसल नुकसान से बच सकती है।
कृषि विभाग ने किसानों को किया अलर्ट
कृषि विभाग ने इस बीमारी को देखते हुए किसानों (Farmers News) को अलर्ट रहने को कहा है। इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा खेतों का इन्सपेक्शन कर किसानों को रोग पहचान रोकथाम और इसे कैसे कंट्रोल किया जाए, इस बारे में भी बताया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार अगर समय रहते सफेद रोली रोग पर कंट्रोल नहीं किया गया तो यह रोग तेजी से पूरी फसल में फैल सकता है और फसल नष्ट हो सकती है।
क्या है रोग को कंट्रोल करने के वैज्ञानिक उपाय
इस बारे में उपनिदेशक कृषि उद्यान का कहना है कि जैसे ही सरसों की फसल पर सफेद रोली रोग (white roli disease) दिखाई पड़ती हे तो उसे तुरंत कंट्रोल में लाना जरूरी है। उनका कहना है कि किसान वैज्ञानिक और देसी दोनों उपाया अपनाकर इस रोग से फसल की सेफ्टी कर सकते हैं। कृषि विभाग द्वारा बताई गई वैज्ञानिक उपायों के तहत फफूंदनाशक दवाओं (fungicides) का सही मात्रा में छिड़काव किया जाना चाहिए और देसी उपायों का भी उपयोग करना चाहिए।
जानिए क्या है रोग कंट्रोल करने के उपाय
उनका कहना है कि अगर इस रोग से किसान सरसों की फसल (Sarso Ki fasal) पर नीम की पत्तियों का धुआं करना और खेतों में हवा का संचार बनाए रखना और रोगग्रस्त पौधों को अलग करना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही किसानों से यह भी कहा है कि फसलों पर कोई भी समस्या होने पर पास के कृषि कार्यालय या कृषि विशेषज्ञ से कॉन्टेक्ट करें और बिना सलाह के दवाओं का यूज न करें और समय रहते सही कदम उठा लें।