Railway Line : देशभर में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब देश के दो राज्यों के बीच एक नई रेलवे लाइन को बिछाया जाने वाला है। इस रेल लाइन (New Railway Line Update) के बनने की वजह से राज्यों के बीच की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। आइए जानते हैं इस नई रेलवे लाइन के बारे में पूरी जानकारी।
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच अब एक नई रेलवे लाइन बिछाई जाने वाली है। इस रेलवे लाइन के निर्माण के वजह से दोनों राज्य की अर्थवस्वसथां में भी मजबूती आने वाली है। रेल लाइन (Railway Line in Chhattisgarh Maharashtra) की लंबाई 26 किलोमीटर की होने वाली है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस नई रेलवे लाइन के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
रेलवे लाइन की इतनी होगी लंबाई
रेल मंत्रालय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बैकुंठ से उरकुरा तक 26.40 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत (Chhattisgarh Maharashtra Railway Line Project) 426.01 करोड़ रुपये की होने वाली है। बता दें कि ये फैसला यात्रियों की भीड़ को कम करने, ट्रेनों की आक्यूपेंसी सुधारने और माल ढुलाई को और बेहतर बनाने के लिए लिया गया है।
इस रेल लाइन का होगा महत्वपूर्ण हिस्सा
बता दें कि बैकुंठ-उरकुरा खंड बिलासपुर-रायपुर-नागपुर मुख्य लाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहने वाला है। जोकि मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी रेल नेटवर्क पर स्थित रहने वाला है। ये देश के सबसे व्यस्त रेल कॉरिडोर (rail corridor) में से एक रहने वाली है। फिलहाल के तौर पर इस खंड की क्षमता पूरी तरह से फुल हो चुकी है, इसकी वजह से ट्रेनों में देरी और जाम की समस्या का सामना करना पड़ रही है। इसके साथ ही में नई चौथी लाइन से ट्रेनों की आवाजाही काफी ज्यादा आसान हो जाएगी। इसके साथ ही में अतिरिक्त पैसेंजर (Railway Line Project) और कोचिंग ट्रेनें चलाई जा सकती है। दोनों राज्य तक पहुंचने वाली देरी भी अब कम होने वाली है और आक्यूपेंसी में भी सुधार आएगा।
मालगाड़ियों की क्षमता में आएगा इजाफा
यात्रियों के साथ साथ, इस परियोजना से मालगाड़ियों की क्षमता में भी इजाफा दर्ज किया जाने वाला है। उम्मीद लगाई जा रही है कि हर साल लगभग 14.25 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई हो सकेगी। इसकी वजह से भारतीय रेलवे (Indian Railways New Project) को पहले साल से ही 61.70 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है। इस क्षेत्र में पावर प्लांट, कोयला खदानें, स्टील और सीमेंट उद्योगों का तेजी से विकास किया जा रहा है।
चौथी लाइन का होगा निर्माण
इस रेल लाइन के तहत चौथी लाइन से बल्क कमोडिटी (bulk commodity kya hoti h) की तेज और बेहतर ढुलाई संभव हो सकेगी। इससे सप्लाई चेन में मजबूत दर्ज की जाएगी। औद्योगिक विकास को भी तेजी मिलने वाली है। ये परियोजना एनर्जी, सीमेंट एंड मिनरल कॉरिडोर के तहत चिह्नित की जा रही है। रेलवे का फोकस ऐसे हाई-ट्रैफिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर है। परियोजना (New Railway Project) के पूरी होने पर यात्रियों को तेज, सुगम और समयबद्ध यात्रा मिलेगी, हालांकि माल ढुलाई अधिक विश्वसनीय बनेगी। इसकी वजह से क्षेत्र के उद्योगों को फायदा होने वाला है और आर्थिक विकास में तेजी आएगी।