Metro Projects : बीते सालों में प्रदेश खूब उभरा है। यहां पर शासन ने अब मेट्रो प्रोजेक्ट की गति को रफ्तार देने का ठाना है। अब इस प्रोजेक्ट से ओल्ड गुरुग्राम (Gurugram Metro News) की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। इसके लिए GMRL ने इन 8 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जीट के लिए जमीन की मांग की है। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में –
सरकार अब ओल्ड गुरुग्राम के लोगों को बड़ी राहत देने वाली है। यहां पर मेट्रो स्टेशन के विकास की बड़ी खबर सामने आ रही है। अब गुरुग्राम में जाम, लंबा सफर और सीमित कनेक्टिविटी से जुझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि GMRL से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो (Gurugram Metro Updates) के विस्तार के लिए 8 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जीट के लिए जमीन की मांग की है।
एक एकड़ जमीन मौजुद करवाने का आग्रह
GMRL की ओर से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो (Old Gurugram Metro) के फर्स्ट फेज में प्रस्तावित 14 मेट्रो स्टेशन में से 8 स्टेशनों के एंट्री एग्जिट के लिए hsvp से लगभग एक एकड़ जमीन मौजुद करवाने की रिक्वेस्ट की है। इन मेट्रो स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एक्जिट गेट बनाए जाएंगे। GMRL की ओर से बीते वर्ष सितंबर महीने में एक कंपनी को लगभग 15 किमी लंबे फर्स्ट फेज के मेट्रो कॉरिडोर को बनाने का टेंडर (Tender for construction of metro corridor) अलोट कर दिया था, जिसके तहत सेक्टर-45 से लेकर बख्तावर चौक के बीच तेजी से काम हो रहा है।
तेज हुआ मेट्रो के पिलर खड़े करने का काम
अभी तो मेट्रो के पिलर (metro pillars News) खड़े करने का कार्य किया जा रहा है। GMRL के अधिकारियों ने दावा किया है कि मई महीने तक मेट्रो पिलर नजर आने लगेंगे और अब इसी बीच जीएमआरएल ने 8 मेट्रो स्टेशन के लिए एचएसवीपी को लेटर लिख जमीन मौजुद करवाने की रिक्वेस्ट की है।
जमीन मालिकों से होगी जमीन की खरीदी
जीएमआरएल के एक अधिकारी का कहना है कि उनके सर्वे के अनुसार एचएसवीपी के पास ज्यादातर जमीन का मालिकाना हक है तो ऐसे में hsvp से रिक्वेस्ट किया है कि इस जमीन को ज्ल्द ही जीएमआरएल को सौंपा जाए। अगर जरूरी जमीन जो इस प्रोजेक्ट के लिए चाहिए, वो एचएसवीपी के पास नहीं है तो ऐसे में जमीन अधिग्रहण नीति के तहत स्टेशन गेट (Station Gate under Acquisition Policy) के निर्माण के लिए जमीन मालिकों से जमीन की खरीदी की जाएगी। इस प्रोजेक्ट को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में जमीन खरीद समिति का गठन किया गया है।
द्वार के निर्माण के लिए चाहिए होगी इतनी जमीन
बता दें कि इस प्रोजेक्ट के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन (Millennium City Centre Metro Station) पर दो एंट्री गेट और एग्जिट गेट का निर्माण किया जाएगा, जिसमे एक गेट के लिए 575 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी और दूसरे द्वार के लिए 668 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता होगी। ऐसे सेक्टर-45 स्टेशन गेट के लिए 676 वर्ग मीटर, सेक्टर-33 के लिए 287 वर्ग मीटर जमीन चाहिए होगी और उद्योग विहार फेज छह के लिए 628 वर्ग मीटर की आवश्यकता होगी और सेक्टर-10 के लिए 289 वर्ग मीटर, सेक्टर-37 के लिए 306 वर्ग मीटर जमीन चाहिए होगी।
किन जगहों से कितनी जमीन की जरूरत
वहीं, बसई मेट्रो स्टेशन (Basai Metro Station) बनाने के लिए तीन अलग-अलग जगह पर 708 वर्ग मीटर जमीन चाहिए होगी और ठीक ऐसे ही सेक्टर-101 में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास जो मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित किया गया है, उसके लिए सड़क के दोनों तरफ एंट्री और एग्जिट गेट बनाए जाएंगे। फर्स्ट गेट के लिए 371 वर्ग मीटर तो दूसरे द्वार के लिए 293 वर्ग मीटर जमीन चाहिए होगी और इन एंट्री और एग्जिट गेट के निर्माण के बाद यात्रियों को स्टेशन आवागमन की सुविधा मिलेगी।