Gold Silver Trend : सोने चांदी के दामों में कब तक रहेगी तेजी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Gold Silver Trend : सोने और चांदी की कीमतों में पिछले काफी समय से तेजी दर्ज की जा रही थी। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि आने वाले दिनों में भी कीमतों में तेजी (Gold Price Hike) का ये दौर बरकरार रहने वाला है। हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें बताया गया है कि सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर कब तक बना रहेगा। आइए जानते हैं इस बारे में।

सोने चांदी की कीमतों को लेकर आए दिन कोई न कोई रिपोर्ट पैश की जाती है। हाल ही में भी एक रिपोर्ट पैश की गई है जिसमें बताया गया है। सोने और चांदी की कीमतों में तेजी (Gold Silver Hike Update) का ये दौर कब तक बना रहने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में तेजी कब तक बनी रहेगी। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में दी गई जानकारी

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, (Gold Silver Hike Reason) व्यापार युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से सोने और चांदी की कीमतें में तेजी दर्ज की जा रही है और ये दोनों कीमती धातुएं ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। सर्वे में बताया गया है कि जब तक वैश्विक स्तर (Gold Price in global market) पर स्थायी शांति स्थापित नहीं होती और व्यापार से जुड़े विवाद सुलझते नहीं हैं, तब तक कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती बनी रहने की उम्मीद लगाई जा रही है।

सोना और चांदी की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड

सर्वे में इस बारे में जानकारी दी गई है कि साल 2025 में सोना और चांदी दोनों ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर पर पहुंच गई है। यह तेजी वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Gold Investment Tips) की बढ़ती मांग को दर्शाती है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, वास्तविक ब्याज दरों के लंबे समय तक नकारात्मक रहने की उम्मीद और भू-राजनीतिक व वित्तीय जोखिमों को लेकर चिंता ने कीमतों को और भी ज्यादा बढ़ने का मौका दे दिया है।

एमसीएक्स पर भी चमका सोना

अप्रैल वायदा के लिए MCX सोने का भाव पिछले बंद भाव (MCX Gold Price) 1,83,962 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है। वहीं पिछले सत्र में सोने की कीमत ने 1,93,096 रुपये का रिकॉर्ड हाई को बना लिया था। वहीं चांदी की कीमत के बारे में बात करें तो चांदी का भाव पिछले बंद भाव 3,99,893 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 4 प्रतिशत (Silver Price Crash) कम होकर 3,83,898 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुल गया है। गुरुवार को एमसीएक्स चांदी का भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

सोने की कीमतों में तेजी की वजह

साल 2024-25 में भारत के आयात में कच्चा तेल, सोना और पेट्रोलियम उत्पादों का दबदबा रहा है और इनका कुल आयात (Silver Price Fall) में हिस्सा एक तिहाई से भी काफी ज्यादा रहा है। इस अवधि के दौरान सोने का आयात सालाना आधार पर 27.4 प्रतिशत तक बढ़ गया है। सर्वे में बताया गया है कि सोने के आयात में बढ़ोतरी होने की वजह से घरेलू मांग में मजबूती और सोने की कीमतों में 38.2 फीसदी की सालाना तेजी (Sone ka rate) दर्ज की जा रही है।

विदेशी मुद्रा भंडार में इस धातु ने निभाई अहम हिस्सेदारी

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां मार्च 2025 के अंत में 567.6 अरब डॉलर (Silver Price) से घटकर 16 जनवरी 2026 तक 560.5 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। इसके अलावा भारत के भंडार में सोने का मूल्य तेजी से बढ़ता चला जा रहा है। जनवरी 2026 के मध्य तक भारत का सोने का भंडार बढ़कर 117.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जोकि मार्च 2025 में 78.2 अरब डॉलर (Gold Price Update) पर कारोबार कर रहा था। इसमें बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उछाल और केंद्रीय बैंकों की डॉलर के अलावा अन्य संपत्तियों में निवेश की बढ़ती प्राथमिकता को दर्शा रही है।

सोने की कीमतों का अंतराष्ट्रीय रूझान

सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये रुझान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहने वाला है। कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव के बीच अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने (Sone ka Price) की हिस्सेदारी बढ़ती दिख रही है। इसके साथ ही में 2025 के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 2,607 डॉलर से बढ़कर 4,315 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी, जोकि हाल के वर्षों की सबसे तेज बढ़ौतरी मानी जा रही है।

सोने की तरह चमकी ये धातुएं

सोने के अलावा आयरन, कॉपर और एल्युमिनियम जैसी बेस मेटल्स की कीमतों (Sone ka rate) में भी सीमित बढ़ौतरी की उम्मीद लगाई जा रही है। खास तौर पर कॉपर की कीमतें ग्रीन टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर से मजबूत मांग और सप्लाई में रुकावट की वजह से चमकने की संभावना है। वर्ल्ड बैंक की कमोडिटी प्राइस (Copper Price Outlook) आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026-27 में वैश्विक कमोडिटी कीमतों में लगभग 7 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में अधिक सप्लाई के चलते कमजोरी (Copper Price Hike) को बताया जा रहा है। हालांकि भू-राजनीतिक घटनाएं इस अनुमान को प्रभावित कर सकती हैं।

महंगाई को लेकर भी मिली राहत

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि आने वाले वित्त वर्ष में महंगाई बड़ी (Copper Price) चिंता नहीं होने वाली है। अच्छी कृषि पैदावार, सप्लाई साइड की बेहतर स्थिति और जीएसटी दरों में बदलाव का प्रभाव धीरे-धीरे दिखने से महंगाई नियंत्रण में रहने की संभावना लगाई जा रही है।

सर्वे के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में महंगाई थोड़ी बढ़ौतरी (Gold Price Forecast) दर्ज की जा सकती है। हालांकि इसके लक्ष्य दायरे में बने रहने की उम्मीद लगाई जा रही है। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई 2.8 फीसदी और 2026-27 के लिए 4 फीसदी रहने की उम्मीद लगाई है। इसके साथ ही में आरबीआई (RBI Latest Update) ने 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई क्रमशः 3.9 फीसदी और 4 फीसदी रहने का उम्मीद जाहिर की है।

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