Gold Silver Price : अब क्या खत्म हो गया है सोने चांदी की तेजी का सिलसिला, जानें प्वाइंट वाइज

Gold Price Today : लगातार बढ़ रही सोने और चांदी की कीमतों ने जहां एक ओर आम लोगों को फायदा कराया है तो वहीं दूसरी ओर निवेशकों (Gold Investment) की जेब ढ़ीली हो गई है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल बना हुआ है कि क्या सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का ये दौर थम जाएग। आइए जानते हैं प्वाइंट वाइज इसकी जानकारी।

पिछले काफी समय से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर बना हुआ है। कुछ एक्सपर्ट्स उम्मीद लगा रहे हैं कि कीमतों में तेजी (Silver Price Hike) का ये दौर आने वाले दिनों में भी बरकरार रहने वाला है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि तेजी का ये दौर यही थम जाएगा। ऐसे में हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।

एमसीएक्स पर सोने का रेट

पिछले कई महीनों से रॉकेट की रफ्तार से भाग रही सोने और चांदी की कीमतों में बंपर गिरावट दर्ज की जा रही है। इसकी वजह से न सिर्फ आम आदमी बल्कि बड़े-बड़े बाजार जानकारों के भी होश उड़ा दिए है। एमसीएक्स (MCX Silver Rate) पर जो सोना एक दिन पहले 1,93,096 रुपये के ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड पर पहुंच गया था, वहीं अब ये पूरी तरह से ढह गया है।

सोने की कीमतों में लगी इतनी सेंध

सोने की कीमतों में लगातार बढ़ौतरी के बाद 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही में ये 1,67,406 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आकर टिक गई है। चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम (1Kg silver Price) के जादुई आंकड़े को छू चुकी चांदी एक ही दिन में इसकी कीमत 21 फीसदी टूटकर 3,32,002 रुपये पर बंद हो गई है।

ग्लोबल मार्केट की बदली दिशा

ऐसे में लोग इस बात की तलाश कर रहे हैं कि इसकी कीमतों में गिरावट आने के पीछे क्या कारण है। बता दें कि ज्‍यादातर बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस वैश्विक सुनामी (Gold Price Hike reason) के पीछे का मुख्य केंद्र वाशिंगटन डीसी में था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा फैसला लिया था जिसने ग्लोबल मार्केट की दिशा को भी बदल दिया था। ट्रंप ने केविन वॉर्श को अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) का नया प्रमुख नामित किया है। इसके साथ ही में वॉर्श को बाजार में एक ‘हॉकश’ (सख्त) नीति निर्माता के तौर पर माना जा रहा है।

ब्याज दरों में बरकरार कटौती का सिलसिला

ऐसे में निवेशकों को ये डर है कि वॉर्श के आने से ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला अब रूक गया है। इसके साथ ही में वह महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए सख्त रुख को अपनाने वाला है। जब भी ब्याज दरों (Gold Price Today) में उछाल दर्ज किया जाता है या फिर कटौती की उम्मीद कम होती है, तो डॉलर मजबूत होने वाला है। जैसे ही डॉलर इंडेक्स 0.4 फीसदी चढ़कर 96.60 पर पहुंच गया है। सोने और चांदी की कीमतों (Chandi ka rate) पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है। वैश्विक स्तर पर बिकवाली की शुरुआत हो गई हैं।

सिर्फ 29 दिन में इतने कम हुए चांदी के दाम

जनवरी के सिर्फ 29 दिनों के भीतर ही चांदी की कीमतों में 42 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया जा चुका था। जोकि किसी एक महीने की ऐतिहासिक बढ़ौतरी हो सकती थी। इसके साथ ही में सोना डॉलर (Gold Price in Dollar) के संदर्भ में 15 फीसदी तक बढ़ चुका था जोकि 1999 के बाद की सबसे बड़ी मासिक तेजी बताई जा रही थी। जब कोई भी एसेट इतनी तेजी से बढ़ता है, तो फिर वो ‘ओवरबॉट जोन’ में चला जाता है।
एक्सपर्ट्स ने बताया है कि बाजार बस एक बहाने की तलाश में था। जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक उस ट्रिगर का काम किया और निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर ताबड़तोड़ प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking) शुरू कर दी है। ये बाजार का एक प्राकृतिक नियम है, जोकि जितनी तेजी से चढ़ता है, उसमें सुधार भी उतना ही तीखा होता है। इसी वजह से सोना-चांदी की कीमतों में कल गिरावट दर्ज की जा रही है।

सोने और चांदी की कीमतों में थमा तेजी का दौर

सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या सोने का ‘स्वर्ण युग’ समाप्त हो चुका है। ज्यादातर एक्सपर्ट्स इस बात से इनकार करते हैं। प्लसकैश (PlusCash) के सीईओ के मुताबिक, “ये एक लंबी दौड़ (Gold investment Tips) के बाद आने वाला सामान्य ठहराव है। सोने की बुनियादी चमक अभी भी बरकरार है।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने और चांदी के लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बना हुआ है।
सेंट्रल बैंकों की खरीदारी : दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अभी भी डॉलर के विकल्प के तौर पर सोना जमा करते नजर आ रहे हैं।
औद्योगिक मांग : सिल्वर की मांग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (Silver Use in EV), और डेटा सेंटर्स में लगातार बढ़ती नजर आ रही है।
वैश्विक अनिश्चितता : भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता हमेशा कीमती धातुओं को सहारा देनी दिख जाती है।
इन सभी कारणों की वजह से बाजार जानकारों का मानना है कि सोना और चांदी (Silver investment Tips) में ये गिरावट अल्‍पकालिक है और आगे इनकी कीमतें बहुत ज्‍यादा गिरावट आने की उम्मीद लगाई जा रही है।

निवेशक कर रहे हैं ये काम

अगर आप इस गिरावट को देखकर सोने और चांदी क खरीदारी की सोच रहे हैं या घबराकर बेचने की तो पहले एक्‍सपर्ट की सलाह जरूर ले लें। एक एक्सपर्ट् ने बताया है कि अगर निवेश (Silver investment) करना चाह रहे हैं तो फिर आपको चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए। आपको एक ही बार में पूरा पैसा लगाने की बजाय SIP या कई चरणों में खरीदारी करनी चाहिए। इससे खरीदी का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। अपने कुल पोर्टफोलियो (Silver Price Today) का 5 से 10 फीसदी हिस्सा ही सोने-चांदी में रखना चाहिए। चांदी फिलहाल बहुत ज्यादा वोलाटाइल बना हुआ है। हालांकि सोना तुलनात्मक रूप से अधिक स्थिर है।

सरकार यहां पर रखती है खजाना

ऐसे में कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि 30 जनवरी की गिरावट भले ही किसी झटके से कम न हुई हो, लेकिन ये लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ‘बाय ऑन डिप्स’ यानी गिरावट पर खरीदारी (Silver Buying Tips) का एक मौका भी बनकर सामने आ रहा है। ऐसा इस वजह से हो रहा है क्‍योंकि दोनों ही कीमती धातुओं के फंडामेंटल्‍स अभी भी मजबूत हो गया है।

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