दैनिक रेल यात्री महासंघ ने की इस ट्रेन के ठहराव की मांग, PM के नाम दिया ज्ञापन

Demand for train stoppage : हर दिन लाखों यात्री ट्रेन में सफर करते हैं और देश की परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रेलवे भी कई प्रयास कर रहा है। अब हाल ही में दैनिक रेल यात्री महासंघ (Daily Rail Passenger Federation) की ओर से PM के नाम ज्ञापन सौपां गया है। अब महासंघ के इस गाड़ी के ठहराव की मांग जोर पकड़ रही है। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में।

दैनिक रैल यात्री के लिए ट्रेन की सुविधा के लिए अब हाल ही में महासंघ ने इस गाड़ी के ठहराव को लेकर मांग की है। अब इस गाड़ी के ठहराव को लेकर महासंघ की ओर से PM को ज्ञापन सौंप दिया गया है। इस गाड़ी (Demand for train stoppage ) के ठहराव से कई यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। आइए खबर में जानते हैं कि महासंघ ने किस गाड़ी के ठहराव की मांग की है।

किस ट्रेन के ठहराव की हुई मांग
बता दें कि दैनिक रेलयात्री महासंघ (Daily Rail Yatri Mahasangh) की ओर से महेंद्रगढ़ स्टेशन पर चार दिन चलने वाली गाड़ी संख्या 12259-60 हावड़ा-सियालदाह-दुरंतो-बीकानेर गाड़ी (Howrah-Sealdah-Duronto-Bikaner train) के ठहराव को लेकर दो दिन पहले प्रधानमंत्री, रेलमंत्री व रेलवे के उच्च अधिकारी के नाम स्टेशन अधीक्षक को मेमोरेंडम सौंप दिया है। दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष का कहना है कि लोहारू स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12259-60 का ठहराव है, जिस वजह से इस इलाके के लोगों को लोहारू होकर ट्रेन की सुविधा मिल पाती है।


दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष का कहना है किद महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन (Mahendragarh Railway Station) पर इस गाड़ी का ठहराव की मांग जायज है, क्येांकि अभी इस गाड़ी में ट्रेवल करने के लिए महेंद्रगढ़ इलाके के लोगों को लोहारू स्टेशन जाना पड़ रहा है।

महासंघ क्यों कर रहे यह मांग
वैसे तो बीते कई सालों से दैनिक रेल यात्री महासंघ (Daily Rail Passenger Federation) इस मांग को उठा रहे हैं कि महेंद्रगढ़ में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (Haryana Central University) के साथ ही यहां के बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों में हरियाणा के साथ ही देश छात्र-छात्राएं स्टडी करने के लिए आ रहे हैं। अब आने वाले भविष्य की सुविधा को देखते हुए इस गाड़ी का ठहराव बेहद जरूरी है।

छह महीने के लिए होना चाहिए ट्रायल
इसके साथ ही महेंद्रगढ़ के हजारों वीर जवान देश की सीमा पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और देश को अपनी सेवा दे रहे हैं, जिन्हे समय पर अपने घर आने व ड्यूटी पर वापस जाने के लिए समस्या हेाती है। इसके साथ ही बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों में भी प्रदेश के साथ ही कई राज्यों के विद्यार्थी पढ़ने आ रहे हैं, जिन्हें अपने गांव जाने में परेशानी होती है। अध्यक्ष का कहना है कि अगर महेंद्रगढ़ में ट्रेन की मांग (Demand for train in Mahendragarh) को रेल मंत्रालय नहीं स्वीकारता है तो फिर एक बार ट्रायल तौर पर छह महीने के लिए स्टेशन पर ठहराव किया जाना चाहिए और यह जांना चाहिए कि इससे रेलवे को फायदा हो रहा है या नहीं।

महेंद्रगढ़ स्टेशन पर रेलवे की इनकम
उनका कहना है कि इस गाड़ी का राजस्थान में जगह-जगह पर ठहराव है, लेकिन वहां पर रेलवे को थोड़ी ही इनकम प्राप्त हो रही है, जबकि महेंद्रगढ़ स्टेशन पर रेलवे को इस गाड़ी के ठहराव पर बढ़िया इनकम (Railway income at Mahendragarh station) मिल रही है। उनका कहना हे कि कुछ अधिकारी ऐसे है, जो कार्य को ठीक से नहीं करते हैं, जिस वजह से इस गाड़ी का ठहराव महेंद्रगढ़ के रेलवे स्टेशन पर नहीं हो रहा है।

जानिए क्या है इस गाड़ी के ठहराव के फायदे
उनका कहना है कि इस इलाके से हजारों की संख्या में रोजगार के लिए लोग रेवाड़ी, धारूहेड़ा, आईएमटी मानेसर, भिवाड़ी, गुड़गांव, दिल्ली के लिए कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए सुबह महेंद्रगढ़ से दिल्ली तक एक नई ईएमयू (New EMU to Delhi) 6-7 बजे के बीच में चलाई जानी चाहिए और शाम को वापसी में रेवाड़ी से 5-6 बजे के बीच चलेगी। इससे महेंद्रगढ़ सतनाली लोहारू तक चलने से कई यात्री रेलवे का एमएसटी पास (Railway MST Pass) बनवाकर फायदा ले सकेंगे।

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