Silver Explainer : चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद अब निवेश और आम लोग सतर्कता बरत रहे हैं। अब आम निवेशक चांदी की खरीद पर एहतियात बरत रहे हैं। चांदी की कीमतों को लेकर आम निवेशकों की टेंशन बढ़ गई है। अब इसी बीच एक्सपर्ट (Silver Explainer) ने निवेशकों को चांदी में निवेश करना सही है या नहीं, इस बात की सलाह दी है। आइए खबर में जानते हैं कि इस बारे में एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं।
बीते कुछ समय में सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों ने बंपर रिटर्न दिया है। आम लोगों को जहां चांदी की इन बढ़ती कीमतों की चिंता सता रही है। वहीं, दूसरी ओर निवेशक भी चांदी में इन्वेस्टमेंट (Silver Investment) को लेकर कन्फयूजन में हैं। अब इसी बीच एक्सपर्ट ने इन्वेस्टर्स को चांदी में निवेशको लेकर सलाह दी है। खबर में जानिए चांदी की कीमतों को लेकर एक्सपर्ट का क्या कहना है।
चांदी में आए उछाल ने इन्वेस्टर्स को किया अट्रेक्ट
नई रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड अब भी ग्लोबल आर्थिक और भू-राजनीतिक रुझानों का भरोसेमंद इंडिकेटर बना है, लेकिन फिर भी चांदी की कीमतों में तेजी ने इन्वेस्टर्स को अट्रेक्ट किया है। A Case for Prudent Repositioning शीर्षक वाली रिपोर्ट में फंड हाउस ने हालात में सतर्क पुनर्संतुलन (repositioning) की जरूरत पर खास फोकस किया है।
चांदी की बढ़ती कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक सोना में तेजी से ट्रेडिशनल रूप से मैक्रोइकॉनॉमिक कंडिशन, करेंसी ट्रेंड और सिस्टमेटिक रिस्क का पता चलता है। वहीं, चांदी ने तो सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं और सोने की तुलना में चांदी में कहीं ज्यादा तेजी आई है, रिपोर्ट में जिसे ज्यादा सट्टेबाजी (speculative phase) का हिंट बताया गया है। वैसे तो इस तरह की तेज रैलियों के बाद कररेक्शन देखने को मिला है।
रिपोर्ट के मुताबिक सोने-चांदी की आपसी चाल (mutual movement of gold and silver) इन्वेस्टर्स को शॉर्ट-टर्म मुनाफा नहीं कराएगी, बल्कि अपने पोर्टफोलियो अलोटमेंट करने की समीक्षा का मौका देती है।
सोने-चांदी की रिलेटिव कीमत की तुलना
रिपोर्ट में गोल्ड टू सिल्वर रेश्यो Gold-to-Silver Ratio ) को एक अहम पैमाना बताया जा रहा है, जो सोने-चांदी की रिलेटिव कीमत की तुलना करता है। हालांकि अभी यह रेश्यो लगभग 46:1 है, जो देखा जाए तो इसके 10 साल के औसत 80:1 से काफी नीचे हैं। जहां एक ओर सोना तुलनात्मक रूप से स्थिर है। वहीं, दूसरी ओर चांदी के वैल्यूएशन तनावपूर्ण होते हैं। वैसे तो देखा गया है कि चांदी की लेट-स्टेज रैली (Silver’s Late-Stage Rally) के बाद करेक्शन देखने को मिला है।
हालांकि मेटल्स और इक्विटीज के साथ ही अन्य एसेट्स के बीच संतुलित अलोटमेंट से जोखिम कम हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा बाजार आकलन और रणनीतिक पुनर्संतुलन का समय का पता चलता है, क्योंकि सोने-चांदी की चाले (gold and silver coins) अभी एक-दूसरे से अलग दिशा में देखी जा रही है।
क्या इन्वेस्टर्स को लगेगा झटका
हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके अनुसार चांदी की मौजूदा चाल (current trend of silver) से यह क्लियर हो गया है कि बाजार में अभी संवेदनशील दृश्य बना हुआ है। ऐसे में भले ही लंबे समय में बुनियादी कारण मजबूत हों, लेकिन फिर भी छोटे समय में तेजी या फथ्र गिरावट से इन्वेस्टर्स को झटका लग सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट निवेशकों को यह सलाह दे रहे हैं कि इन्वेस्टर्स अभी चांदी (Silver Rate)में ज्यादा जोखिम लेने से बचें और लीवरेज कम ही रखें, क्योंकि अक्सर देखा गया है कि कमोडिटी मैनिया में तेजी जितनी तेजी से तेजी आती है, गिरावट भी उतनी ही तेजी से आती है।