Railway ने 4 राज्यों को दी बड़ी सौगात, नए प्रोजेक्ट मंजूर

Railway News Updates : रेलवे आम लोगों को सुविधाएं देने के लिए नए-नए प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है। अब हाल ही में सरकार ने ऐतिहासिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर 4 राज्यों को बड़ी सौगात दी है। रेलवे की ओर से इन प्रोजेक्ट की मंजूरी से ट्रेनों (Railway News Updates) की रफ्तार बढ़ेगी और साथ ही माल ढुलाई की क्षमता में बढ़ौतरी होगी। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में।


रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर सरकार ने नए प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इन नए प्रोजेक्ट (Railway new projects) से रेलवे की क्षमता, कनेक्टिविटी में सुधार होगा और साथ ही रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इन प्रोजेक्ट की मंजूरी से इन 4 राज्यों को सबसे ज्यादा लाभ होगा और साथ ही अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। आइए खबर में जानते हैं कि किन 4 राज्यों को बड़ी सौगात दी गई है।

4 नए रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स हुए मंजूर
दरअसल, आपको बता दें कि पीएम मादी ने 4 नए रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स (New Railway Multitracking Projects) को मंजूरी दी है और इसके लिए 24,634 रुपये करोड़ का खर्च आ सकता है। सरकार की ओर से मंजूर हुए ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र, एमपी, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में 894 किमी नई लाइनों को कनेक्ट करेंगे और 18 जिलों को सीधे फायदा मिलेगा। इससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क 894 किलोमीटर तक ओर फैल जाएगा।
सरकार का मकसद है कि इन प्रोजेक्ट्स को 2030-31 तक पूरा किया जाए। रेलवे मंत्रालय (Ministry of Railways) के अनुसार इन नई लाइनों के विस्तार से ट्रैफिक कंजेशन कम होगा।

जानिए कौन से हैं ये चार प्रोजेक्ट्स
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से जिन चार प्रोजेक्ट्स को लेकर हरी झंडी दिखाई गई है। उन प्रोजेक्ट में वर्धा से भुसावल तक तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण शामिल है और गोंदिया से डोंगरगढ़ तक चौथी लाइन (Gondia to Dongargarh line) शामिल है। इसके साथ ही वडोदरा से रतलाम तक थर्ड और फोर्थ लाइन, और इटारसी-भोपाल-बिना सेक्शन पर चौथी लाइन इस प्रोजेक्ट में शामिल है। जहां पर ट्रैफिक डेंसिटी सबसे अधिक है। ये सभी प्रोजेक्ट्स रेलवे नेटवर्क (railway network) के उन हिस्सों पर निर्मित होंगे, क्योंकि ट्रैफिक डेंसिटी में डबल लाइन पर ट्रेनों पर आवागमन देरी से होता है और जाम की समस्या रहती है।
मंत्रालय के अनुसार नई लाइनों के निर्माण के बाद इन सेक्शनों में ट्रेनों की स्पीड लिमिट में इजाफा होगा ओर, फ्रीक्वेंसी बेहतर होने के साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।

कुल इतने गांव की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) के अनुसार इन चारों प्रोजेक्ट को मिलाकर 3,633 गांवों को कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिनकी आबादी लगभग 85.84 लाख के आस-पास होगी। इसमें दो आकांक्षी जिला विदिशा और राजनांदगांव जो छत्तीसगढ़ में हैं, वो भी शामिल हैं। सरकार ने दावा किया है कि इन प्रोजेक्ट्स से इलाके में रोजगार और स्वरोजगार बढ़ेगा और इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, उद्योग और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे यह इलाका आगे खूब ग्रोथ करेगा।

नई लाइनों से वस्तुओं की ढुलाई होगी सुगम
रेलवे के मुताबिक अभी मौजूदा नेटवर्क पर खूब भीड़भाड़ देखी जा रही है और ट्रेन ऑपरेशंस में देरी के चलते परेशानी हो रही है। लेकिन अब नई मल्टीट्रैकिंग लाइनों (New multitracking lines) के निर्माण से ट्रेनों की लाइन कैपेसिटी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बेहतर होगी। इसका एक ओर फायदा यह होगा कि इससे रेलवे को 78 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की एक्स्ट्रा फ्रेट क्षमता मिल सकेगी।
इतना ही नहीं नई लाइनों (new lines) के निर्माण से कोयला, सीमेंट, स्टील, फूड ग्रेन, कंटेनर, फ्लाई ऐश और अन्य जरूरी वस्तुओं की ढुलाई सुगम होने के साथ ही बेहतर होगी। इससे औद्योगिक उत्पादकता बढ़ने के साथ ही रेलवे की माल ढुलाई से जो आमदनी मिलती है, उसमे मुनाफा होगा।

प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इन प्रोजेक्ट्स से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इन नई लाइनों के निर्माण (construction of new lines) से कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक कनेक्टविटी बढ़ेगी। इन स्थलों में सांची स्तूप, भीमबेटका की प्राचीन गुफाएं, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नवेगांव नेशनल पार्क और हजारा फॉल्स का नाम शामिल है। पर्यटन में इजाफा होने से स्थानीय होटल, टैक्सी और छोटे बिजनेसमैन को फायदा होगा।

किस योजना के तहत तैयार हुए प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (Prime Minister Gati Shakti National Master Plan) के तहत सरकार द्वारा मंजूरित ये चारों मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स बनाए गए हैं। इस योजना के पीछे सरकार का लक्ष्य देश में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को नई मजबूती देना है। इन नई लाइनों के निर्माण से माल की ढुलाई सुगम होगी और लोगों का आवागमन बेहतर होगा। इन प्रोजेक्ट्स की स्कीम कई मंत्रालयों और हितधारकों के कोर्डिनेशन से तैयार की गई है।

पर्यावरण के लिहाज से फायदेमंद है ये प्रोजेक्ट
रेलवे देश का सबसे ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधन है, और अब इन प्रोजेक्ट से देश के क्लाइमेट गोल्स को हासिल किया जा सकेगा। रेल मंत्रालय का कहना है कि रेलवे के इन प्रोजेक्ट्स (Railway projects) से सालाना 28 करोड़ लीटर तेल की मात्रा बचेगी और साथ ही 139 करोड़ किलो कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (carbon dioxide emissions) में कमी आ सकती है। पर्यावरण के लिहाज से भी यह बेस्ट है, जिसके हिसाब से यह 6 करोड़ पेड़ों के बराबर है।

क्या है केंद्र सरकार का मकसद
केंद्र सरकार का मकसद है कि 2030 तक रेलवे का नेटवर्क स्मार्ट (Railway network smart) और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का है। इसके साथ ही रेलवे इन 4 प्रोजेक्ट्स के साथ रेलवे कई अन्य लाइनों पर भी कार्य कर रहा है, जिसमे वह डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन और स्टेशन अपग्रेडेशन पर वर्क कर रहा है।

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