Sarso Seeds : सरसों की नई किस्म देगी बंपर पैदावार, किसानों ने की यह खोज

New Sarso Seeds : खेती से होने वाली आय को दौगुना करने के लिए किसानों द्वारा फसलों की नई नई किस्म को खोजा जा रहा है। बता दें कि अब मार्केट में सरसों की एक नई किस्म आ गई है। इस किस्म से सरसों की बंपर पैदावर होगी और किसानों को भी शानदार लाभ होगा। आइए जानते हैं सरसों की इस नई किस्म के बारे में पूरी जानकारी।

सरसों की खेती का चलन किसानों के बीच लगातार बढ़ता चला जा रहा है। अब बाजार में सरसों की एक नई किस्म (mustard new variety) आ गई है। सरसों की ये नई किस्म बंपर पैदावार दे रही है। इसकी वजह से किसानों को भी काफी लाभ हो रहा है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से सरसों की इस नई किस्म के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।

बाजार में बिक रही है नई किस्म

हाल ही में बाजार में सरसों की एक नई किस्म (mustard new variety) देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि इस किस्म की खोज नरसिंहपुरा गांव के राजकुमार शर्मा और महेंद्र प्रताप सिंह ने की है। सरसों की ये किस्म न सिर्फ देखने में अलग है, बल्कि इसकी पैदावार भी काफी ज्यादा है और ये सामान्य सरसों से दोगुनी दाम देने का दम रखती है।

ऐसे की किसानों ने नई किस्म की खोज

ये कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं रहने वाली है। किसान राजकुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया है कि 3 साल पहले साल 2023 में उन्हें अपनी सरसों (Sarso) की फसल के बीच एक अजीब सा पौधा दिखाई दिया था। वो पौधा सामान्य से काफी ज्यादा अलग था, इस वजह से उन्होंने उसे संभाल लिया है। 2025 साल 2025 रबी सीजन में 8 बीघा खेत में राजकुमार शर्मा और महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने खेत में नई किस्म का बीज डाला है। आज उसी बीज की बदौलत लगभग 12 बीघा (8 बीघा राजकुमार के और 4 बीघा रामपाल के ) खेत में ये नई सरसों लहलहा रही है।

नई सरसों की ये है खासियत

सोशल मीडिया पर भी इन खेतों की तस्वीरें खूब वायरल (Viral News) हो रही हैं। इस फसल को देखने के लिए दूर-दराज से किसान पहुंच रहे हैं और हैरान रह जाते हैं। बता दें कि इसकी कुछ बड़ी खूबियां इसे खास बना देती है बता दें कि इसके पौधे सामान्य सरसों के मुकाबले काफी ज्यादा लंबे और घने होते हैं। पत्तियां और फलियां भी आकार में काफी बड़ी हैं। इस किस्म (mustard new variety) में बुवाई के 90 दिन बाद फूल आते हैं और लगभग 165 दिन में फसल तैयार होती है। खास बात तो ये है कि पूरी फसल के दौरान सिर्फ तीन बार पानी देने की जरूरत पड़ रही है। किसानों को उम्मीद है कि प्रति बीघा लगभग 10 क्विंटल उत्पादन मिलने वाला है जोकि आम सरसों से लगभग दोगुना होता है। सबसे अच्छी बात तो ये है कि इसमें लागत कम और मुनाफा ज्यादा होता है।

कृषि विभाग तक पहुंचा मामला

किसानों का मानना है कि सरसों की नई वैरायटी (New Variety Mustard) की जानकारी कृषि विभाग को दे दी गई है। हालांकि अब तक कोई अधिकारी अनुसंधान या अवलोकन के लिए कोई भी कृषि वैज्ञानिक जांच के लिए नहीं पहुंच पाएं है। हालांकि किसानों में इस नई वैरायटी के बारे में जानने का लगातार क्रेज बना नजर आ रहा है। इसी को लेकर कृषि विभाग कोटा के संयुक्त निदेशक अतिश कुमार शर्मा और कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीके सिंह का मानना है कि फसल सामान्य से अलग दिख रही है और विस्तृत पता जांच के बाद ही लगने वाला है।

नई किस्म को लेकर किसानों के बीच हुई चर्चा

इसी तरह नरसिंहपुरा के आसपास के गांवों के किसान राजकुमार शर्मा और महेंद्र प्रताप सिंह 8 बीघा खेत में बोई गई सरसों (Sarso Kheti) की नई किस्म को लेकर हैरान होते है। उनका मानना है कि अगर सरसों की फसल सामान्य किस्म से अलग दिखती है तो फिर इसका उत्पादन भी अलग होने वाला है।

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