Land acquisition : 12 गांवों जमीन की खरीद बिक्री पर रोक, एक्सप्रेसवे के लिए होगा भूमि अधिग्रहण

Land acquisition : देशभर में सड़क व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए और विकास की गति को नई रफ्तार देने के लिए नए-नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। अब हाल ही में एक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और इसके लिए शासन ने 12 गांवों जमीन (Land purchase and sale) की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि किन 12 गांव की जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाई गई है।


अब हाल ही में एक एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खबर आई है। अब इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण (Land acquisition ) के लिए जमीन की खरीब बिक्री पर रोक लगाई गई है। शासन ने इसके लिए 12 गांवों जमीन को चुना है, जिसकी खरीद बिक्री पर रोक लगाई गई है। आइए जानते हैं कि शासन ने किन गांवो की जमीन की बॉय और सेल पर प्रतिबंध लगाया है।

किस एक्सप्रेसवे का होगा जमीन अधिग्रहण
बता दें कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Siliguri Expressway) को बनाने को लेकर जमीनों के अधिग्रहण का प्रोसेस शुरू हो गया है। यह एक्सप्रेसवे 519 किमी लंबा बनाए जाने वाला है और यह एक्सप्रेसवे यूपी, बिहार और बंगाल को आपस में कनेक्ट करेगा, जिसमे से लगभग 8 किमी हिस्सा गोरखपुर में पड़ेगा। प्रशासन ने इसके लिए 12 गांवों में 69.57 हेक्टेयर भूमि की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

जमीन अधिग्रहण के बाद मिलेगी रजिस्ट्री की मंजूरी
बता दें कि यूपी में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Siliguri Expressway) कुशीनगर के हाटा, कसया, तमकुहीराज तहसील से होकर के जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का सर्वे का काम पूरा होने के बाद एलाइनमेंट का भी काम हो गया है। अब गोरखपुर में 8 किमी लंबाई में कुल 12 गांवों की जमीनें पड़ रही है। गोरखपुर से सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की शुरुआत जगदीशपुर जंगल कौड़िया बाईपास के करमहा से होगी और इसी के तहत जमीनों की रजिस्ट्री न हो, इसके लिए रेजिस्ट्रेशन ऑफिस में भी 577 गाटा नंबर की जमीनों की लिस्ट मौजुद कराई गई है। जैसे ही इस एक्सप्रेसवे का जमीन अधिग्रहण (Land acquisition for expressway) होगा, उसके बाद ही रजिस्ट्री की परमिशन दी जाएगी।

गाटा की रजिस्ट्री पर लगा प्रतिबंध
इस एक्सप्रेसवे के जमीन अधिग्रहण (Land acquisition for expressway) के लिए खास भूमि अध्याप्ति अधिकारी की ओर से तहसील सदर के उप निबंधक प्रथम एवं द्वितीय को लेटर लिख इससे जुड़े गाटा की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध (Restrictions on registration of Gata) लगाने का ऐलान किया है। लेटर में यह सूचना दी गई है कि एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण के प्रोसेस के पूरा होने तक जमीन की खरीद बिक्री नहीं होगी।
इस दौरान जिन जगहों की खरीद बिक्री पर रोक लगी है, उनमे निजी कृषि भूमि, सरकारी चकमार्ग, नाली, रास्ता, नवीन परती के साथ ही नदी के कुछ इलाके शामिल हैं। प्रशासन की ओर से पहले थ्री डी सर्वे कराकर पहले जमीनों का अधिग्रहण (acquisition of lands) किया जाएगा, उसके बाद ही एक्सप्रेसवे बनेगा।

प्रोसेस के तहत लोगों को मिलेगा मुआवजा
इस बारे में एआईजी स्टांप का कहना है कि एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण (Land acquisition for expressway) के लिए राजस्व गांवो के गाटा नंबर के साथ ही रकबा की लिस्ट मिली है, जिसकी रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। इस एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट (Alignment of expressway) के तहत जो 12 राजस्व गांव आ रहे हैं, उनसे जुड़े गाटा संख्या की जमीनों की रजिस्ट्री (Registry of land by Gata number) को रोक दिया गया है। अभी इसके लिए जमीन की खरीद बिक्री नहीं होगी और भूमि अर्जन में निर्धारित प्रोसेस के मुताबिक लोगों को इसका मुआवजा दिया जाएगा।

किन गांवो से कितनी जमीन होगी अधिग्रहित
इस प्रोसेस के तहत जिन 12 गांव की जमीनों का अधिग्रहण (Acquisition of village lands) होगा। उसमे करमहा तप्पा पतरा गांव से 5.4402 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी और महराजी तप्पा पतरा से 7.9063 हेक्टेयर, सोनवे गोनाराहा से 4.6814 हेक्टेयर, अगया तप्पा पतरा से 8.4705 हेक्टेयर, मटिहनिया सुमाली से 4.3276 हेक्टेयर, उस्का गांव से 2.2417 हेक्टेयर, नैयापार खुर्द से 5.4738 हेक्टेयर, भरपुरवा से 7.1609 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी। इसके साथ ही महुअवां खुर्द गांव से 4.01510 हेक्टेयर, राउतपार तप्पा केवटली (Rautpar Tappa Kevatli) से 10.55711 हेक्टेयर, हेमछापर गांव से 5.01312 हेक्टेयर, लुहसी गांव से 4.284 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी।

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